मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और उनके पनवेल स्थित फार्महाउस के पड़ोसी केतन कक्कड़ के बीच चल रहे कानूनी विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने केतन कक्कड़ को सलमान खान के खिलाफ सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट और वीडियो हटाने पर विचार करने की सलाह दी है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई के लिए निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर मौजूद होना किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं देता कि वह किसी के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करे, चाहे संबंधित व्यक्ति कोई सार्वजनिक हस्ती ही क्यों न हो।
क्या है पूरा विवाद?
मामले की शुरुआत तब हुई जब सलमान खान के पड़ोसी केतन कक्कड़ ने आरोप लगाया कि अभिनेता ने अपने पनवेल स्थित फार्महाउस के निर्माण के दौरान पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन किया और उनके घर तक पहुंचने वाले रास्ते को प्रभावित किया।
इसके बाद सलमान खान ने अदालत का रुख करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कक्कड़ द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और पोस्ट उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले हैं तथा उनमें कुछ सामग्री सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली भी है।
हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी विवाद का समाधान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं, बल्कि उचित कानूनी मंचों पर किया जाना चाहिए।
अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या न्यायालय का समय केवल इस बात का निर्धारण करने में लगाया जाना चाहिए कि कौन-सा पोस्ट मानहानिकारक है और कौन-सा नहीं। न्यायालय ने केतन कक्कड़ को सुझाव दिया कि वे विवादित पोस्ट हटाने पर गंभीरता से विचार करें।
6 जुलाई को फिर होगी सुनवाई
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जुलाई तय की है। अब अदालत में आगे की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट होगा कि विवादित सामग्री को लेकर क्या कानूनी दिशा तय की जाती है।
व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा को लेकर भी अदालत पहुंचे थे सलमान
सलमान खान इससे पहले भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने बिना अनुमति उनके नाम, तस्वीर और पहचान का इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ कानूनी संरक्षण की मांग की थी।
इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य डिजिटल मध्यस्थों को निर्देश दिया था कि वे सलमान खान की शिकायत को सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत औपचारिक शिकायत मानते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करें।
इस फैसले के बाद सलमान खान उन चुनिंदा फिल्मी हस्तियों में शामिल हो गए थे जिन्होंने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्यायालय की शरण ली थी।
सोशल मीडिया और कानूनी जिम्मेदारी पर फिर शुरू हुई बहस
हाईकोर्ट की ताजा टिप्पणी ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानूनी जिम्मेदारी के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है। अदालत का संकेत साफ है कि व्यक्तिगत विवादों को डिजिटल मंचों की बजाय कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
